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| पत्रसङ्केतः | पाठ्यक्रमविवरणम् | क्रेडिट | यूनिट् | होरा |
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| DSCC 28 | वादपरम्परा | |||
| पाठ्यग्रन्थाः: अर्थसंग्रहः, वेदान्तसारः, तर्कभाषा। | ||||
| C-1 | शास्त्रार्थविधिः – कथा, वादः, जल्प, संशयः, वितण्डा, इत्यादीनां स्वरूपम्। अनुबन्धचतुष्टयस्य स्वरूपम्। (विषयः, अधिकारी, सम्बन्धः, प्रयोजनम्) | 1 | 1 | 16-20 |
| C-2 | ज्ञानपरम्परायाः संगठनम्। सूत्रम्, वृत्तिः, भाष्यम्, वार्तिकम्, टीका, टिप्पणी, इत्यादीनां विश्लेषणम्। | 1 | 1 | 16-20 |
| C-3 | षड्विधतात्पर्यनिर्णायकतत्त्वानि। (श्रुति-लिङ्ग-वाक्य-प्रकरण-स्थान-समाख्या)। | 1 | 1 | 16-20 |
| C-4 | श्रवणविधिना ज्ञानतात्पर्यस्य विश्लेषणम्। (उपक्रम-उपसंहारौ, अभ्यासः, अपूर्वता, फलम्, अर्थवादः, उपपत्तिः)। | 1 | 1 | 16-20 |
भारतीयदर्शनकाइतिहास–बलदेवोपाध्ययः, सर्वदर्शनसंग्रहः–माधवाचार्यः, मीमांसापरिभाषा-कृष्णयज्व, जैमिनीयन्यायमालाविस्तरः–माधवाचार्यः, मीमांसान्यायप्रकाशः-आपदेवः, वेदान्तसारः-सदानन्द, धर्म-विज्ञान- तृतीयखण्ड-स्वामीदयानन्द, चौखम्बासुरभारतीप्रकाशन, वारणसी, भारतीयदर्शनस्येतिहासः-शशिबालागौड, चौखम्बासुरभारतीप्रकाशन, वारणसी, षड्दर्शनसूत्रसंग्रहः–उमाशङ्करशर्मा ऋषि, चौखम्बासंस्कृतप्रकाशन, दिल्ली, सर्वदर्सनकौमुदी- दामोदरमहापात्रशास्त्री, ओडिशा राज्य पुस्तक भण्डार, कटक।
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| DSCC 29 | भारतीयधर्मसम्प्रदायाः | |||
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पाठ्यग्रन्थौ: 1. सनातनधर्म (श्रीमद्ज्जगद्गुरुशङ्कराचार्यः स्वामी भारतीकृष्णतीर्थः) स्वस्तिप्रकाशनसंस्थान, गोवर्द्धनमठ, पुरी ओडिशा 2. भारतीय धर्म-शाखाएँ और उनका इतिहास – वाचस्पति गैरोला, चौखम्वा सुरभारती प्रकाशन, वाराणसी, 2008 |
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| C-1 | सनातनधर्मस्य परिचयः। सनातनधर्मेण सह बौद्ध-जैन-शिक्खधर्माणां सन्तुलनम्। | 1 | 1 | 16-20 |
| C-2 | प्रमुखभारतीयदार्शनिकानां परिचयः (कणादः, पतञ्जलिः, गौतमः ,वेदव्यासः, कपिलः, जैमिनिश्चेति) | 1 | 1 | 16-20 |
| C-3 | सन्तपरम्परायाः परिचयः (शङ्करदेवः, गुरुनानकः, कबीरः, तुलसीदासः, मीराबाई) | 1 | 1 | 16-20 |
| C-4 | शङ्कराचार्याणां परिचयः। प्रमुखभारतीयकवीनां परिचयः। (भासः, कालिदासः, अश्वघोषः, सोमदेवः, कल्हणः, चन्द्रवरदाई इत्यादयः) | 1 | 1 | 16-20 |
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| DSCC 30 | प्रमाणसिद्धान्तः | |||
| पाठ्यग्रन्थाः: सर्वदर्शनसंग्रहः - माधवाचार्यः, साहित्यदर्पणम्, सांख्यकारिका। | ||||
| C-1 | प्रमाणसिद्धान्तः। (विभिन्नप्रमाणभेदाः, प्रकृतिश्च)। प्रमाणस्य परिभाषा। शास्त्रविश्लेषणे भारतीयपद्धतिः। (प्रमाता, प्रमाणम्, प्रमेय, प्रमा) | 1 | 1 | 16-20 |
| C-2 | शब्दशक्तिः (अभिधा, लक्षणा, व्यञ्जना)। समसामयिके ग्रन्थाध्ययने प्रमाणानामुपयोगः। | 1 | 1 | 16-20 |
| C-3 | जीवस्यावधारणा। बन्धनस्य परिभाषा। (प्राकृतिक-वैकृतिक- दाक्षिणकञ्चेति)। सांख्यकारिका, 44, सांख्यतत्त्वकौमुदी। बन्धनस्य मूलकारणानि तत्प्रक्रियाश्च। (गी. 3।37, 3।43, 2।62-67) | 1 | 1 | 16-20 |
| C-4 | पुनर्जन्मनः सिद्धान्ताः, धर्मस्य प्रेरकतत्त्वानि। मोक्षप्राप्तये विविधाः मार्गाः। (कर्म, भक्तिः, ज्ञानम्, योगाभ्यासः)। भक्तिपरम्परायाम् आचार्याणां भूमिका। | 1 | 1 | 16-20 |
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| DISSERTATION: | लघुशोधप्रबन्ध [06 Credits] | |||
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| ECA | पाठ्येतर गतिविधयः | |||
| पाठ्येतर गतिविधयः - नाटकम्, स्पर्द्धा, शास्त्रार्थः, NSS, NCC | 2 | 1 | 16-20 | |